Thursday, December 20, 2012

महिलाओं के साथ अपराध शर्मनाक 
युवतियों एवं महिलाओं के साथ दिनों दिन बढती बलात्कार और छेड़छाड़ की घटनाएँ सभ्य और पढ़े लिखे समाज के लिए शर्मनाक है। इन घटनाओं से ये पता चलता है की हमारे समाज की सोच कितनी नीचे गिर चुकी है। इस तरह की घटनाओं में लिप्त पुरुष समाज ये क्यों भूल जाता है कि वह जिसके साथ इस तरह की हरकत कर रहा है वह वो नारी जिसने उसको जन्म दिया है। 
महिलाओं के साथ अत्याचार और अनाचार दंडनीय अपराध है परन्तु पुलिस और प्रशासन की ढील के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद रहते है। महिलाओं के प्रति अपराधों पर अंकुश लगा कर ही हम अपने समाज के अस्तित्व को बनाये रख सकते है। -प्रमोद कुमार अग्रवाल