Friday, October 19, 2012

वक्री हुए बृहस्पति ग्रह, शिक्षा और अर्थव्यवस्था में प्रगति होगी

शिक्षा, धर्म और अध्यात्म के करक ग्रह बृहस्पति ने 4 अक्टूबर की शाम 6:50 से वृष राशि में विपरीत दिशा में चलना आरम्भ कर दिया है अर्थात बृहस्पति ग्रह वक्री हो गए हैं। देवगुरु बृहस्पति अगले वर्ष 30 जनवरी, 2013 को वक्री से मार्गी होंगे। समस्त ग्रहों में सौम्य माने जाने वाले बृहस्पति ग्रह का वर्तमान वक्री प्रभाव शुभ फल दायक है। शास्त्रों के अनुसार सौम्य ग्रह वक्री होने पर भी महा शुभ फलदायी होते हैं।

बृहस्पति ग्रह के वक्री प्रभाव से लोगों में धार्मिक भावना में वृद्धि होगी, शिक्षा, विशेष रूप से तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति होगी, और शिक्षा से सम्बंधित विभागों में बेरोजगारों को नौकरी के पर्याप्त अवसर उपलब्ध होंगे। बृहस्पति के शुभ प्रभाव से पीतल और स्वर्ण धातु के व्यवसाय में व्यापारियों को लाभ की संभावनाए बनेंगी।
बृहस्पति ग्रह अर्थव्यवस्था पर भी अपना अधिकार रखते हैं, अतः देश की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होना संभावित है।
वक्री बृहस्पति के प्रभाव से मेष, वृष, सिंह, कन्या, वृश्चिक और मकर राशियों के जातकों को लाभ होगा, जबकि मिथुन, तुला और कुम्भ राशि के जातकों को अशुभ फल मिलेंगें। कर्क, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए वक्री बृहस्पति सामान्य फलदायी होंगे। --प्रमोद कुमार अग्रवाल, ज्योतिष विद्या विशारद (वाराणसी)

No comments: