Friday, October 19, 2012

वृश्चिक राशि में मंगल के प्रवेश से मिलेंगे मिश्रित फल

सौर मंडल में भूमि पुत्र के नाम से प्रसिद्ध मंगल ग्रह 9 नवम्बर तक के लिए अपनी स्व राशि वृश्चिक में रहेंगे। मंगल ग्रह के अपनी राशि में आने से ज़मीन-जायदाद के व्यवसाय, भवन निर्माण, धातुओं के व्यापार और शेयर बाज़ार का कारोबार करने वालों को विशेष लाभ पहुँचेगा।

मंगल ग्रह के स्व राशि में आने के इस महत्वपूर्ण योग के प्रभाव से धन-धान्य के उत्पादन, गुड, चीनी, वनस्पति एवं शुद्ध घी, तेल तथा अन्य तरल पदार्थों के व्यापारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके अलावा इस योग से जनता के जीवन में क्रय शक्ति में वृद्धि होगी।
मंगल ग्रह के वृश्चिक राशि में प्रवेश का असर विभिन्न राशियों पर अलग-अलग देखा जा सकता है। वृष, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ और मीन राशि के जातकों को लाभ होगा, वहीँ मेष, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए यह योग अशुभ फल देगा। मिथुन, कन्या एवं मकर राशि के जातकों के लिए इस योग का प्रभाव सामान्य फल देने वाला होगा।
चूँकि वृश्चिक राशि में पहले से ही राहू ग्रह विराजमान है, ऐसी दशा में वृश्चिक राशि में मंगल ग्रह के साथ राहू की युति के प्रभाव से वर्ग-संघर्ष, जन आन्दोलन, धरना, प्रदर्शन, घिराव और प्राकृतिक आपदाएं घटित होने संभावनाएं हो सकती हैं।ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अंगारक योग के नाम से जाना जाता है। - प्रमोद कुमार अग्रवाल, ज्योतिषविद

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