Friday, March 2, 2012

प्यार के रंग, होली के संग.

प्यार के रंग, 
होली के संग. 
स्वार्थ के लिए, 
करें न बदरंग.
खेलें होली 
बांटें सदभाव,
भुला के 
गिले-शिकवे
करें सबसे प्यार.
न हो 
मन में कटुता, 
न हो 
भेदभाव.
बहे
प्यार की गंगा,
उड़े 
अबीर गुलाल 
मनाओ
 इस तरह
 होली 
न रहे
कोई मलाल.  
-- प्रमोदकुमार अग्रवाल



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