Saturday, June 25, 2011

भ्रष्टाचार की समस्या

इन दिनों देश में  भ्रष्टाचार के  खिलाफ   काफी कुछ कहा सुना जा रहा है.  भ्रष्टाचार को लेकर सरकार, आम जनता एवं बुद्धिजीविओं  में गरमा-गरम बहस भी जारी है.  भ्रष्टाचार का मुद्दा कोई नया नहीं है भ्रष्टाचार के कारण हमारे समाज में दूसरी बहुत सी समस्याएं जैसे दहेज़ का लेन-देन.अपराध, रिश्वतखोरी आदि जन्म लेने लगती हैं.  ऐसा नहीं है कि इस समस्या से सिर्फ हमारा ही देश प्रभावित है, बल्कि संसार के बहुत सारे देशों  में  भ्रष्टाचार की समस्या  से वहां के नागरिक पीड़ित हैं.  भ्रष्टाचार की समस्या की जड़ को खोजा जाये तो हम पाएंगे कि कहीं न कहीं इस समस्या को बढ़ाने में हमारा ही योगदान रहा है. देखने में आता है कि अपने निहित स्वार्थों को पूरा करने और अपने काम को दूसरों से पहले कराने के लिए हम सम्बंधित व्यक्ति को अनुचित तरीका अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं. बाद में हमारी यही आदत उस व्यक्ति के लिए लालच बन जाती है और वह  किसी भी काम को करने के लिए किसी न किसी रूप में रिश्वत की मांग करने लग जाता है. यदि हम वास्तव में ही  भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करना चाहते हैं तो हमें अपने आप को ईमानदार बनाना होगा, अपनी स्वार्थपरक मानसिकता का परित्याग करना होगा, रिश्वत देने व रिश्वत लेने की गैर कानूनी प्रथा को समाप्त करने के लिए पहल करनी होगी.  भ्रष्टाचार जैसी सामाजिक बुराई को दूर करने की हमारी ये कोशिश यक़ीनन देश व समाज को प्रगति के पथ पर ले जाएगी. -- प्रमोदकुमार अग्रवाल