Saturday, March 5, 2011

हॉकरों को कंट्रोल करेंगी नगर पालिकाएं

सार्वजनिक मार्गों, सडकों और गलियों में घूम-घूम कर अथवा एक जगह रहकर अपने माल को बेचने वाले हॉकरों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (जी) के अंतर्गत अपना व्यवसाय अथवा रोज़गार करने का मूल अधिकार प्राप्त है. वहीँ दूसरी ओर  भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (डी) के तहत  आम जनता को भी उन्ही सार्वजनिक मार्गों, सडकों और गलियों में बिना किसी बाधा के आने-जाने का अधिकार दिया गया है. देश के सर्वोच्च न्यायालय ने एक रिट याचिका का निस्तारण करते हुए यह मत व्यक्त किया है कि बहुसंख्य जनता के हित ओर अधिकारों को ध्यान में रखते हुए नगर पालिकाएं इन हॉकरों को विनियमित (कंट्रोल) करने ओर उनके द्वारा सार्वजनिक मार्गों, सडकों और गलियों को अवरुद्ध करने से रोकने के लिए योजनायें बनाकर लागू कर सकती हैं. (2010 एआईआर एससीडब्ल्यू  6885  )

बिजली के बकाया रकम की वसूली

यदि  किसी उद्योग को रजिस्टर्ड बैनामा के द्वारा खरीददार के पक्ष में ट्रांसफर कर दिया गया हो तो उस उद्योग से सम्बंधित पुराने चले आ रहे बिजली के बिल की रकम की वसूली उस नए खरीददार से नहीं की जा सकती है. बिजली विभाग  पुराने बिजली के बकाया रकम की वसूली केवल उस उद्योग के विक्रेता  अर्थात  मूल बकायेदार से ही करने का अधिकारी है. (2010 (2)ऐडीजे७)