Monday, February 14, 2011

जीना बेहतर ढंग से

अपने जीवन को हर कोई बेहतर ढंग से जीने की लालसा रखता है और इसके लिए प्रयास भी करता है. बेहतर जीवन की क्या परिभाषा हो, यह हमारी अपनी सोच पर निर्भर करती है. कोई पैसे को तो,कोई भौतिक सुख सुविधाओं को जीवन के लिए आवश्यक मानता है, लेकिन वास्तव में बेहतर ढंग से जीना वही है जिसमें ईमानदारी, सच्चाई, सद्गुण, परोपकार जैसे गुण हमारे अन्दर मौजूद हों. हम जो भी काम करें उसमें हमेशा दूसरों का हित हो. अपने  किसी भी कार्य से हम किसी को कोई कष्ट न पहुंचाए. कहा भी गया है कि जीना वही है जो औरों के काम आये. हम इस बारे में विचार करें और अपने जीवन में इन बातों को आत्मसात करने की कोशिश करें.-- प्रमोद कुमार अग्रवाल