Saturday, January 8, 2011

नया साल नए संकल्प

समय का चक्र अपनी निश्चित गति से चलता रहता है. दिन, महीने और साल बीतते हैं तथा हम अपने घर के कलेंडर को हर साल पहली तारीख़ को बदल देते हैं. नया साल आता है तो हम अपने दिल में बहुत कुछ नया करने के सपने देखते हैं और नया करने का संकल्प लेते हैं, परन्तु समय के साथ हमारे ये संकल्प और सपने हवा होने लगते हैं क्योंकि जिंदगी को अपने ढंग से जीने की लालसा में हम वे संकल्प भूलने लगते है. कुछ ही लोग ऐसे होते हैं जो अपने संकल्पों को पूरा करने के लिए पूरे आत्मविश्वास के साथ कर्मपथ पर लगे रहते हैं. नया साल है तो नए संकल्प भी होने चाहिए और हमें उन संकल्पों को पूरा करने के लिए हमेशा लगे रहना चाहिए. कोई भी साल अच्छा या बुरा नहीं होता है बल्कि हमारी सोच के अनुसार ही हम अपने साल के दिनों को अच्छा या बुरा बना लेते हैं. हम अपने जीवन में ऐसे काम करें जिनसे हमेशा दूसरों का भला हो, किसी को कोई तकलीफ न हो और हमारे आचार-विचार ऐसे हो जिनमें सभी के प्रति  प्रेम, अहिंसा, सद्भाव और सम्मान की भावना हो.--प्रमोद कुमार अग्रवाल