Sunday, September 4, 2011

कार्य के प्रति समर्पण ही सफलता का पर्याय

हर इंसान में कोई-न-कोई  जन्मजात प्रतिभा होती है जो उसके बड़े होने पर अथवा उसके जागृत करने पर अवश्य ही उसे ऊंचाइयों  की ओर ले जाती है. बहुत से ऐसे व्यक्ति हमें अपने जीवन में मिल जाएंगे जो साधारण परिवार में होने और कोई विशेष सुविधाएं न मिलने के बावजूद तरक्की के मार्ग पर स्वतः ही बढ़ते चले जाते हैं और कभी पीछे  मुड कर नहीं देखते. ऐसे  इंसानों को मिली सफलता का राज़  उनकी जन्मजात  प्रतिभा तो होती ही है लेकिन जीवन में सफलता हासिल करने के लिए उनके द्वारा सच्चे मन से किये गए प्रयास और उनकी अथक मेहनत भी सम्मिलित होते हैं.
जीवन में सफलता पाने का कोई आसान रास्ता कहीं भी नहीं है और न ही कोई ऐसा मन्त्र या तरीका है जो इंसान को बिना मेहनत के बुद्धिमान अथवा धनवान बना दे. यदि कोई व्यक्ति इस तरह का दावा करता है तो इसका मतलब यह है कि वह उसे सिर्फ गुमराह करके अपना स्वार्थ सिद्ध करना चाह रहा है.ऐसे  इंसानों से सावधान रहने और उनके बनाये जाल में न फसने में ही भलाई है.
हमें सदैव इस बात को अपने दिमाग में रखना चाहिए कि जीवन में तरक्की पानी है तो हमें सच्ची लगन और मेहनत से कठोर परिश्रम करना ही होगा. परिश्रम करने का अर्थ यह है कि हम अपने कार्य को समय पर, पूरी निष्ठां, आत्मविश्वास और ईमानदारी के   साथ पूरा  करें तथा काम में किसी तरह की कोई लापरवाही न बरतें. अपने कार्य के प्रति हमारा समर्पण ही हमारी सफलता का पर्याय है.-- प्रमोदकुमारअग्रवाल 

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