Sunday, August 21, 2011

भ्रष्टाचार की समस्या

देश में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए जन लोकपाल कानून बनाये जाने की मांग को लेकर अन्ना हजारे और उनके साथियों द्वारा  चलाये जा रहे आन्दोलन से  पूरे देश की जनता के एकजुट होकर आन्दोलन में बिना किसी स्वार्थ के शामिल हो जाने से इतना तो स्पष्ट हो  ही  गया है की  भारत की   जनता को अब और अधिक समय तक बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता है. आज स्थिति ये है कि हर वह व्यक्ति जो सरकारी सेवा में  है , ज़रा सा भी मौका मिलते ही अपने पद का दुरूपयोग करते हुए   अपने घर और बैंक बेलेंस को जल्दी-जल्दी भर लेना चाहता है. मीडिया की जागरूकता की वजह से यदि मामला खुल जाता है तो भ्रष्टाचारियों को जेल भिजवा दिया जाता है वरना तो फिर वे  मज़े कर ही रहे हैं.
भ्रष्टाचार  की समस्या ने न सिर्फ योग्यता का गला घोटा है बल्कि बहुत सारी जटिल समस्यायों को भी जन्म दिया है.  वैसे भी  हमारे देश में भ्रष्टाचार के लिए दोषी व्यक्तिओं को सजा दिलाये जाने हेतु कई कानून हैं , लेकिन इनके प्रभावी ढंग से लागू न होने से इस समस्या पर अंकुश नहीं लग सका है. भ्रष्टाचार को  देश से पूरी तरह समाप्त करने के लिए अवाम की आवाज़ को अब सरकार को समझ लेना चाहिए और जनता को यह भरोसा दिला देना चाहिए कि सरकार भी पूरी ईमानदारी से भ्रष्टाचार की समस्या को समाप्त कर देगी.  
यदि हमारे देश के नेता वास्तव में ही देश के प्रति बफादार हैं और देश का हित चाहते हैं तो उन्हें अब   भ्रष्टाचार की समस्या को देश से पूरी तरह  समाप्त करने की मुहिम में आगे आकर जनता की आवाज़ बन जाना चाहिए और जनता को यह दिखा देना चाहिए कि वे भी इस देश के ईमानदार और निष्ठावान नागरिक हैं. -- प्रमोद कुमार अग्रवाल

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