Monday, April 25, 2011

कुछ समय तक साथ रहना विवाह नहीं

पति और पत्नी के मध्य वैवाहिक संबंधों का अर्थ है कि उनका विवाह किसी भी सामान्य विधि के अंतर्गत पूरे रीति-रिवाज़ के अनुसार हुआ हो और सामान्य विधि के अंतर्गत विवाह को तभी मान्य समझा जाता है जब उनके विवाह एवं रिश्ते को समाज स्वीकार करता हो, 
उनकी विवाह योग्य उम्र हो, उनके कोई दूसरा पति या पत्नी जीवित न हो, वे किसी अन्य  रूप से विवाह के अयोग्य न हों तथा पति-पत्नी के रूप में वे साथ-साथ निवास कर रहे हों.
वर्तमान कानून के अनुसार वैध विवाह के लिए लड़के की उम्र इक्कीस  वर्ष,जबकि लड़की के लिए अठारह वर्ष पूरी होना अनिवार्य है.
एक मामले में सुप्रीम  कोर्ट ने कहा है कि यदि कोई स्त्री और पुरुष वैध विवाह किये बिना 
पति और पत्नी के रूप में
 कुछ समय तक साथ-साथ रह लेते हैं अथवा उनके बीच कुछ
 समय के लिए  शारीरिक सम्बन्ध बन जाते हैं तो  इससे उनके बीच विवाह की प्रकृति नहीं
 मानी जा सकती है. साधारण शब्दों में इसे यूँ भी कहा जा सकता है कि कुछ समय तक साथ रहना विवाह नहीं है.(2010 AIR SCW 6731)
-- प्रमोदकुमार अग्रवाल

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