Thursday, February 10, 2011

सादगी के साथ मनाए निजी कार्यक्रम

विवाह शादी एवं अन्य मांगलिक अवसरों पर हम लोग तेज आवाज में लाउडस्पीकर तथा दूसरे वाद्य यन्त्र बजाते हैं और अधिक शोर करने वाली आतिशबाजी का प्रदर्शन करते हैं. ऐसा करने से पहले हम यह नहीं सोचते कि हमारे इस कार्य से किसी को कष्ट पहुचता है. हमें चाहिए कि हम अपने निजी स्तर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों को अवश्य मनाये लेकिन दूसरे की सुविधाओ का भी ध्यान रखें. हमें कोई अधिकार नहीं है कि हम दूसरो की असुविधा अथवा परेशानी का कारण बन जाएँ. हम अपने कार्यक्रम सादगी के साथ बिना किसी शोर शराबे के ही मनाएंगे  .
--प्रमोद कुमार अग्रवाल

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