Sunday, December 12, 2010

ग्राहकों को प्राप्त अधिकार

प्रत्येक व्यक्ति एक ग्राहक या उपभोक्ता है. सरकार द्वारा बनाये गए विभिन्न कानूनों के तहत ग्राहकों के अधिकारों के संरक्षण का प्रयास किया गया है तथा इन अधिकारों के उल्लंघन की दशा में ग्राहकों को समुचित हर्जाना और वाद का खर्चा दिलाये जाने की व्यवस्था भी की गयी है. सन 1986  में बनाये गए उपभोक्ता संरक्षण कानून के अंतर्गत ग्राहकों के लिए निम्नलिखित  छह अधिकारों का उल्लेख किया गया है जिनकी जानकारी प्रत्येक ग्राहक को होनी ही चाहिए  :- 
@  सुरक्षा का अधिकार 
@  सूचना का अधिकार 
@  चयन का अधिकार
@  सुनवाई का अधिकार
@  हर्जाना पाने का अधिकार
@  उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार. 
यहाँ यह चर्चा करना समीचीन होगा कि कोई भी ग्राहक अपने आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक उत्पीडन के खिलाफ समुचित हर्जाना प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से बनाये गए जिला उपभोक्ता फोरम, राज्य उपभोक्ता आयोग अथवा राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में आर्थिक क्षेत्राधिकार के अनुसार मामूली फीस अदा करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है. उपभोक्ता मंच एवं आयोगों में शिकायत करने की प्रक्रिया आदि की जानकारी हम अपने पूर्व में प्रकाशित लेखों में दे चुके हैं. सुधी पाठक इन लेखों का अवलोकन कर सकते हैं. -- प्रमोदकुमार अग्रवाल