Saturday, December 4, 2010

गैर बेंकिग कम्पनियों की योजनाओं में सोच-समझ कर पैसा लगायें

भारतीय रिजर्व बैंक ने विभिन्न गैर बेंकिग कम्पनियों की जमा योजनाओं में  अपनी मेहनत की कमाई  की रकम निवेश करने वाले लोगों को चेतावनी दी है कि वे इन योजनाओं में  सोच-समझ कर पूरी सावधानी बरतते हुए ही पैसा  लगायें वरना अधिक ब्याज के लालच में उनकी कमाई  डूब सकती है. रिजर्व बैंक के अनुसार अधिकांश कम्पनियां ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निवेशकों का पैसा जमा कराती हैं और बाद में चम्पत हो जाती हैं. इस तरह की कम्पनियां अवैध रूप से बैंक के समान काम करती हैं, जबकि इन्हें चेक जारी करने या डिमांड ड्राफ्ट स्वीकार करने का कोई अधिकार नहीं होता है. 
भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि प्राइज़  चिट और मनी  सर्कुलेशन स्कीम [ प्रतिबन्ध] कानून, 1978  के अंतर्गत धन प्रसार योजनाओं पर प्रतिबन्ध है. इस तरह के मामलों की शिकायतें मिलने पर ऐसी योजनाओं में शामिल कम्पनियों एवं उससे जुड़े लोगों के खिलाफ राज्य सरकारों को कार्यवाही करने का अधिकार है. गैर बैंकिंग कम्पनियों की मनमानी और धोखाधड़ी के खिलाफ पीड़ित व्यक्ति आर्थिक क्षेत्राधिकार के अनुसार अपने जिले के उपभोक्ता मंच अथवा राज्य आयोग या राष्ट्रीय आयोग में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं अथवा भारतीय रिजर्व बैंक या सम्बंधित राज्य सरकार को भी शिकायत भेज सकते हैं. -- प्रमोद कुमार अग्रवाल