Sunday, August 8, 2010

विज्ञापनों के लिए मानक तय

अपने उत्पादों का विज्ञापनों के माध्यम से प्रचार करने वालीं कम्पनियाँ अब बढ़ा - चढ़ा कर अपने उत्पादों के बारे में दावा नहीं  कर सकेंगी. इस सम्बन्ध में भारतीय विज्ञापन मानक परिषद् ने ऑटो -  मोबाइल, खाद्य एवं पेय उत्पादों के विज्ञापनों के लिए मानक तय कर दिए हैं. परिषद् के नए नियमों के तहत विज्ञापनों के ज़रिये वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट बाँधने, ड्राइविंग करते समय मोबाइल पर बातें न करने सम्बन्धी सुरक्षात्मक क़दम अपनाने को प्रोत्साहित किया जाएगा. विभिन्न उत्पादों के विज्ञापनों में खतरनाक स्टंट या एक्शन दृश्य दिखाने पर भी रोक  लगाईं   जाएगी. इसके अलावा परिषद् ने खाद्य एवं पेय पदार्थों के विज्ञापनों  में पोषण और स्वास्थ्य लाभ के दावे न करने के भी निर्देश दिए हैं. 

मंत्र शक्ति का चमत्कार

दुःख व चिंताओं को दूर करके शांति और आनंद का अनुभव करने, तन व मन को स्वस्थ बनाये रखने, बुद्धि एवं कार्य करने की शक्ति में वृद्धि  करने तथा वृद्धावस्था को दूर रखने के लिए एक चमत्कारी मंत्र है :  
                             " ॐ श्री प्रकाशम् "  .     
 दिल्ली के योगाचार्य श्री कृष्ण गोयल द्वारा हमें यह मंत्र भेजा गया है. श्री गोयल के अनुसार इस मंत्र का मन ही मन जाप करने के लिए एकांत जगह को चुनें और अपनी आँखों को धीमे से मूँद कर अपने ध्यान को मंत्र की शांत तरंगों पर केन्द्रित करें. जाप करते समय अपने होंठ व जीभ को न हिलाएं. पांच मिनट जाप करने के बाद आराम से बैठ कर महसूस करें कि आपका शरीर शांति की मूर्ति बन गया है , शरीर में अपार ऊर्जा व शक्ति का संचार हो गया है तथा सम्पूर्ण शरीर में एक अनोखा प्रकाश भर गया है. इस मंत्र के निरंतर जाप एवं अभ्यास से हमें आन्तरिक प्रकाश का दर्शन होने  लगेगा और तब धीरे - धीरे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में आशातीत लाभ होगा.

पालिसी धारकों की शिकायतों को दो सप्ताह में निपटाने के निर्देश

बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण [ इरडा ] ने सभी बीमा कम्पनियों को पालिसी धारकों के हित में उनकी शिकायतों को दो सप्ताह में निपटाने के निर्देश दिए हैं. इरडा के अनुसार शिकायत मिलने के तीन कार्य दिवसों में पावती भेजनी  होगी जिसमें अधिकारी का नाम.व उसका पद, शिकायत निपटने वाले अधिकारी का नाम और शिकायत निपटने में लगने वाले समय का उल्लेख करना होगा. पावती भेजने के दो सप्ताह के अन्दर शिकायत का निपटारा कर दिया जायेगा. यदि बीमा कंपनी शिकायत को ख़ारिज करती है तो उसे इसका कारण भी बताना होगा. निर्धारित प्रक्रिया न अपनाने या समय सीमा में शिकायत का निपटारा न करने की दशा में बीमा कंपनी को दण्डित किया जा सकता है. पालिसी  धारक इरडा में अपनी शिकायत दर्ज कराने, शिकायत का समाधान न होने अथवा शिकायत की स्थिति का पता लगाने के लिए इरडा के कॉल सेंटर के टोल फ्री नम्बर 155255 पर अथवा E MAIL : complaints @irda.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं.