Monday, July 19, 2010

शिक्षा का अधिकार कानून

एक अप्रेल से देश भर में 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा देना क़ानूनी रूप से सरकार के लिए ज़रूरी हो गया है. सरकार द्वारा पारित राईट टू एजुकेशन एक्ट ,2009   के अनुसार अब स्कूलों  में एक अध्यापक पर चालीस से अधिक विद्यार्थी नहीं होंगे .राज्य सरकारों को बच्चों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए लाइब्रेरी ,क्लास रूम ,खेल का मैदान और अन्य ज़रूरी चीजें उपलब्ध करानी होंगी. कोई भी विद्यालय किसी भी बच्चे को सत्र के दोरान किसी भी कारण से मना नहीं कर सकता है. निजी विद्यालयों  में 25 प्रतिशत सीटें गरीब बच्चों के लिए होंगी.[ न्यूज़लाइन फीचर्स एंड प्रेस एजेंसी, आगरा ]

कमीशन भुगतान की जानकारी इरडा को देना ज़रूरी

बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण [ इरडा ] द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि यदि उनके द्वारा किसी एजेंट अथवा किसी भी व्यक्ति को कमीशन या अन्य रूप में एक लाख से अधिक के पारिश्रमिक का  भुगतान  किया गया है तो वे इसकी  सूचना अनिवार्य रूप से  इरडा को दें. 31  मार्च को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए यह जानकारी हर साल 30 अप्रेल को देना ज़रूरी होगा.[ न्यूज़लाइन फीचर्स एंड प्रेस एजेंसी, आगरा]