Wednesday, March 17, 2010

धर्म का अर्थ है आत्म शुद्धि

धर्म का हमारे जीवन के साथ जन्म से ही गहरा रिश्ता रहा है. धर्म हमारे जीवन को बदल देने की ताक़त रखता है. धर्म का अर्थ किसी धार्मिक या तीर्थ स्थल की यात्रा करना, धार्मिक ग्रन्थ का पाठ करना  अथवा धार्मिक रीति रिवाजों का  कट्टरता से पालन करना या  धर्म  के नाम पर अन्य कोई अनुष्ठान करना मात्र नहीं है, बल्कि धर्म का वास्तविक अर्थ है अपने मन को पवित्र बनाए रखना, हर वक़्त जरूरतमंदों की मदद को तत्पर रहना,जीवन के विकास के लिए जरूरी नैतिक सिद्धांतों का अनुपालन करना. धर्म हमें गलत मार्ग से हटाकर सही रास्ते पर लाता है. धर्म के नीतिगत सिद्धांत हमें सदेव ये याद दिलाते हैं कि हम कभी भी कोई गलत कार्य न करें. यदि भूल से भी हमसे कोई गलत कार्य हो भी गया हो तो हम उसका सच्चे ह्रदय से भगवान्  के सामने पश्चाताप करें.धर्म से बढ़कर कोई और ऐसा साधन नहीं है जो हमारा वास्तव में सही मार्ग दर्शन  करता हो बशर्ते कि धर्म के वास्तविक अर्थ को समझते हुए हम सही रास्ते का चयन करें और उस पर चलें.हमें समझ लेना चाहिए कि धर्म का अर्थ है आत्म शुद्धि . --- प्रमोद कुमार अग्रवाल, एडवोकेट  एवं पत्रकार 

हँसना ही जिंदगी है

एक दार्शनिक का कथन है कि किसी को नाराज करने में  एक मिनट भी नहीं लगता है,  लेकिन किसी को हंसाने मैं घंटो बीत जाते हैं . इस कथन में सच्चाई है कि हमें किसी को नाराज नहीं करना चाहिए क्योंकि दूसरो की नाराजगी से हमारे दिल को भी ठेस पहुँचती है .हमें दूसरो को बेमतलब नाराज करने की  मानसिकता छोडनी होगी . हम खुद भी हँसे और दूसरो को भी हँसाते रहे . हमें याद रखना चाहिए कि हँसना ही जिंदगी है . हमेशा  हँसते रहना सेहत के लिए एक अच्छा टोनिक हे. जिसके लिए हमें कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ता हे. हम हमेशा प्रसन्न रहें इसके लिए यह जरुरी है  कि हम अपने अंदर से क्रोध, गुस्सा, आलोचना और नकारात्मक विचारों को हमेशा के लिए दूर कर दें,  दूसरों के हित का चिंतन करें और दूसरों के साथ उसी प्रकार का व्यवहार करें जैसा  कि हम अपने  लिए चाहते  हैं-- प्रमोद कुमार अग्रवाल, एडवोकेट एवं पत्रकार
एक दार्शनिक का कथन है कि किसी को नाराज करने मै एक मिनट भी नहीं लगता है लेकिन किसी को हंसाने मैं घंटो बीत जाते हैं . इस कथन में सच्चाई है कि हमें किसी को नाराज नहीं करना चाहिए क्योंकि दूसरो की नाराजगी से हमारे दिल को भी ठेस पहुँचती है .हमें दूसरो को बेमतलब नाराज करने कि मानसिकता छोडनी होगी . हम खुद भी हँसे और दूसरो को भी हँसाते रहे . हमें याद रखना चाहिए कि हँसाना ही जिंदगी हे. सदेव हँसते रहना सेहत के लिए एक अच्छा टोनिक हे. जिसके लिए हमें कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ता हे. हम हमेशा प्रसन्न रहें इसके लिए यह जरुरी हे कि हम अपने अंदर से क्रोध, गुस्सा, आलोचना और नकारात्मक विचारों को हमेशा के लिए दूर कर दें दूसरों के हित का चिंतन करें और दूसरों के साथ उसी प्रकार का व्यवहार करें जेसा कि हम आपने लिए चाटें हैं. (न्यूज़लाइन आगरा)- प्रमोद कुमार अग्रवाल,एडवोकेट
रेलवे प्रशासन यात्री को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए उत्तरदायी है.





















  
एक दार्शनिक का कथन है कि किसी को नाराज करने मै   एक मिनट भी नहीं लगता है लेकिन किसी को हंसाने मैं घंटो बीत जाते हैं . इस कथन में सच्चाई है कि हमें किसी को नाराज नहीं करना चाहिए क्योंकि दूसरो की नाराजगी से हमारे दिल को भी ठेस पहुँचती है .हमें दूसरो को बेमतलब नाराज करने कि मानसिकता छोडनी होगी . हम खुद भी हँसे और दूसरो को भी हँसाते रहे . हमें याद रखना चाहिए कि हँसाना ही जिंदगी हे. सदेव हँसते रहना सेहत के लिए एक अच्छा टोनिक हे. जिसके लिए हमें कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ता हे. हम हमेशा प्रसन्न रहें इसके लिए यह जरुरी हे कि हम अपने अंदर से क्रोध, गुस्सा, आलोचना और नकारात्मक विचारों को हमेशा के लिए दूर कर दें दूसरों के हित का चिंतन करें और दूसरों के साथ उसी प्रकार का व्यवहार करें जेसा कि हम आपने लिए चाटें हैं. (न्यूज़लाइन आगरा)- प्रमोद कुमार अग्रवाल,एडवोकेट

























एक दार्शनिक का कथन है कि किसी को नाराज करने मैएक मिनट भी नहीं लगता है लेकिन किसी को हंसाने मैं घंटो बीत जाते हैं . इस कथन में सच्चाई है कि हमें किसी को नाराज नहीं करना चाहिए क्योंकि दूसरो की नाराजगी से हमारे दिल को भी ठेस पहुँचती है .हमें दूसरो को बेमतलब नाराज करने कि मानसिकता छोडनी होगी . हम खुद भी हँसे और दूसरो को भी हँसाते रहे . हमें याद रखना चाहिए कि हँसाना ही जिंदगी हे. सदेव हँसते रहना सेहत के लिए एक अच्छा टोनिक हे. जिसके लिए हमें कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ता हे. हम हमेशा प्रसन्न रहें इसके लिए यह जरुरी हे कि हम अपने अंदर से क्रोध, गुस्सा, आलोचना और नकारात्मक विचारों को हमेशा के लिए दूर कर दें दूसरों के हित का चिंतन करें और दूसरों के साथ उसी प्रकार का व्यवहार करें जेसा कि हम आपने लिए चाटें हैं. (न्यूज़लाइन आगरा)- प्रमोद कुमार अग्रवाल,एडवोकेट

























एक दार्शनिक का कथन है कि किसी को नाराज करने मैएक मिनट भी नहीं लगता है लेकिन किसी को हंसाने मैं घंटो बीत जाते हैं . इस कथन में सच्चाई है कि हमें किसी को नाराज नहीं करना चाहिए क्योंकि दूसरो की नाराजगी से हमारे दिल को भी ठेस पहुँचती है .हमें दूसरो को बेमतलब नाराज करने कि मानसिकता छोडनी होगी . हम खुद भी हँसे और दूसरो को भी हँसाते रहे . हमें याद रखना चाहिए कि हँसाना ही जिंदगी हे. सदेव हँसते रहना सेहत के लिए एक अच्छा टोनिक हे. जिसके लिए हमें कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ता हे. हम हमेशा प्रसन्न रहें इसके लिए यह जरुरी हे कि हम अपने अंदर से क्रोध, गुस्सा, आलोचना और नकारात्मक विचारों को हमेशा के लिए दूर कर दें दूसरों के हित का चिंतन करें और दूसरों के साथ उसी प्रकार का व्यवहार करें जेसा कि हम आपने लिए चाटें हैं. (न्यूज़लाइन आगरा)- प्रमोद कुमार अग्रवाल,एडवोकेट