Monday, March 15, 2010

चलना ही जिंदगी है

जीवन भगवान का दिया गया एक ऐसा आशीर्वाद है जिसे यदि सही ढंग से जिया जाए तो असीम सुख की प्राप्ति होतीहै. जीवन जीने के क्या मायने हैइसे समझने में हमारा सारा जीवनबीत जाता है,लेकिन हम समझ ही नहीं पाते हैं' क्या सुबह से लेकर रात तक हम दिनभर में जो कुछ भी करते हैं वही जीवन का सार है.में मानता हूँ कि ये कोई जीना नहीं है इस तरह क़ी जिन्दगी को जीने से ऐसा लगता है कि जिन्दगी थम सी गयी है.जीवन तो हमेशा से ही चलने के लिए बना है. इसमें रुकने का कोई काम ही नहीं है. हम  अपनी प्रकृति को देखें, नदी, हवा, समय, जीव-जन्तु सभी चलते ही रहते हैं. जीवन तो चलने का दूसरा नाम है. यदि हम अपनी मंजिल को पाना चाहते हैं, अपने लक्ष्य तक पहुंचना चाहते हैं तो हमें सदैव चलते रहने के मंत्र को अपनाना ही होगा. हमारे इस निश्चय के साथ हम यक़ीनन जीवन को बेहतर ढंग से जी सकते हैं और इसी में हमारा हित है.-- प्रमोद कुमार अग्रवाल,एडवोकेट