Thursday, December 2, 2010

बैंकिंग लोकपाल के समक्ष शिकायत

बैंक ग्राहकों और बैंक के मध्य होने वाले विवादों के समाधान के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बेंकिंग लोकपाल योजना, 2006  की शुरुआत की गयी, जहाँ बैंक ग्राहक बैंक की सेवाओं से असंतुष्ट होने पर बैंक के खिलाफ  अपनी शिकायतों के समाधान हेतु आवेदन  कर सकते हैं. देश में इस समय पंद्रह बैंकिंग लोकपाल कार्यालय बनाये गए हैं. अहमदाबाद, बेंगलुरु, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, कानपुर, कोलकाता, मुंबई, नई दिल्ली, पटना और तिरुवनंतपुरम में भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यालयों में बैंकिंग लोकपाल काम कर रहे हैं.
 बैंकिंग लोकपाल के समक्ष कोई भी बैंक ग्राहक जमा खातों  में लेनदेन, खाता खोलने या बंद करने में देरी या मना करने, बैंकिंग सुविधाएँ  देने में वादा खिलाफी, चेक, ड्राफ्ट, बिल आदि की वसूली में विलम्ब करने, पहले से सूचना दिए बिना सेवा प्रभार लगाने, ए.टी.एम्. अथवा क्रेडिट कार्ड से किये जाने वाले लेन-देन के सम्बन्ध में कोई विवाद होने, बैंक द्वारा छोटे मूल्य वर्ग के रूपए या सिक्के लेने से मना करने, ब्याज दर के बारे में रिजर्व बैंक के नियम-निर्देशों का पालन न करने, लोन स्वीकृत करने या देने में अनुचित देरी करने अथवा लोन के प्रार्थना पत्र को बिना कारण अस्वीकार करने आदि मामलों  में शिकायत कर  सकता है.
बैंकिंग लोकपाल के समक्ष शिकायत करने पर कोई फीस अदा नहीं करनी पड़ती है. ग्राहक अपनी शिकायत बैंक से संपर्क किये जाने के एक वर्ष की अवधि में समस्त प्रमाणों सहित अपने क्षेत्र के बैंकिंग लोकपाल के समक्ष भेज सकता है अथवा बैंकिंग लोकपाल के वेब साईट [ www.bankingombudsman.rbi.org.in ]पर ईमेल से या ऑन लाइन दर्ज करा सकता है. बेंकिंग लोकपाल अपने यहाँ प्राप्त शिकायतों का निपटारा पक्षकारों में समझौता  कराकर अथवा गुण-दोष के आधार पर करते हैं. बेंकिंग लोकपाल के निर्णय के विरुद्ध भारतीय रिजर्व बैंक के   समक्ष अपील  की जा सकती है.  -- प्रमोदकुमार अग्रवाल

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