Saturday, November 27, 2010

बेरोजगार श्रमिकों के लिए राजीव गाँधी श्रमिक कल्याण योजना

कर्मचारी राज्य बीमा निगम के क़ानूनी प्रावधानों के अंतर्गत आने वाले किसी कारखाने अथवा स्थापना के बंद हो जाने या गैर रोज़गार चोट  लगने के कारण   कम से कम चालीस प्रतिशत हुई निशक्तता के कारण बेरोजगार हुए श्रमिकों को बेरोज़गारी भत्ता प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा ' राजीव गाँधी श्रमिक कल्याण योजना ' चलाई जा रही है. इस योजना का लाभ लेने के लिए यह आवश्यक है कि बेरोजगार हुए श्रमिक ने बेरोजगार होने  की  तारीख से न्यूनतम तीन वर्ष पहले  की  अवधि के लिए निर्धारित अंशदान किया हो तथा वह कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के तहत बीमाकृत व्यक्ति की  परिभाषा में आता हो.  बेरोजगार हुए श्रमिक को नियमानुसार एक वर्ष तक की अवधि के लिए बेरोज़गारी भत्ता दिया जाता है. बेरोज़गारी भत्ता प्राप्त करने के लिए उस श्रमिक को अपना दावा  बेरोजगार होने की तारीख से तीन माह के अन्दर निर्धारित प्रारूप यू. ए. - 1 में अपने सम्बंधित कर्मचारी राज्य बीमा निगम के कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है. बेरोजगार हुए श्रमिक को बेरोज़गारी भत्ता उस दशा में नहीं दिया जायेगा यदि उसने तीन वर्ष तक अंशदान नहीं किया  हो, उसकी सेवा करने की अवधि [उम्र]  पूरी हो चुकी हो, उसे किसी अनुशासन कार्यवाही के अंतर्गत सेवा से हटाया गया हो अथवा उस कर्मचारी की मृत्यु हो गयी हो. बेरोजगार हुए बीमाकृत श्रमिक को बेरोज़गारी भत्ते का भुगतान केवल रेखांकित चेक द्वारा ही किया जाता है.  -- प्रमोदकुमार अग्रवाल

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