Thursday, November 11, 2010

थाने पर नहीं बिठाये जा सकते गवाह

 किसी महिला, नाबालिग युवती अथवा अन्य व्यक्ति को जो किसी आपराधिक मामले में गवाह या पीड़ित हो, पुलिस द्वारा मेडिकल जांच या मेडिकल रिपोर्ट या अन्य उद्देश्य के लिए चौबीस घंटे से ज्यादा समय तक पुलिस थाना अथवा चौकी पर बिठाये  नहीं रखा जा सकता है. दंड प्रक्रिया संहिता अथवा किसी अन्य कानून के अंतर्गत इस तरह से पीड़ित पक्ष या गवाह को मेडिकल रिपोर्ट के नाम पर पुलिस द्वारा रोके रखने का कोई अधिकार नहीं दिया गया है. यदि पुलिस द्वारा ऐसा किया जाता है तो उसका यह कृत्य भारतीय संविधान के अनुच्छेद  21 के अंतर्गत दिए गए आज़ादी के अधिकार का हनन है. इलाहाबाद हाई कोर्ट [ 2010 [ 5 ] एएलजे 92  ] ने एक मामले में  यह मत व्यक्त करते हुए पीड़ित पक्ष को राज्य सरकार से बतौर हर्जाना 25  हज़ार  रुपये दिलाने का आदेश पारित किया -- प्रमोद कुमार अग्रवाल [ न्यूज़लाइन आगरा ]

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