Monday, August 9, 2010

HEALTHLINE PLUS [ हैल्थलाइन प्लस ]

###  मोबाइल फ़ोन और कंप्यूटर  के कीबोर्ड पर लगातार काम करने से हाथों में झनझनाहट, दर्द व सूज़न,  मांसपेशियों में दर्द, थकान, तनाव, सरदर्द, कान में दर्द, कम सुनाई देना,इन्फेक्शन जैसी  समस्याएँ होने की संभावनाएं रहती हैं.अंगुलिओं पर लगातार दवाब पड़ने से उनमें महसूस करने की क्षमता भी प्रभावित होती है. मोबाइल फ़ोन से निकलने वाली विद्युत् चुम्बकीय तरंगों के कारण हमारे मस्तिष्क के ऊतकों को नुक्सान पहुँचने की सम्भावना रहती है. इनसे बचने के लिए हमें मोबाइल फ़ोन और कंप्यूटर के अधिक एवं लगातार प्रयोग से बचना चाहिए.
###  मोटापा और वज़न कम करने के लिए डायटिंग करना जानलेवा भी हो सकता है. अमेरिकन शोध के अनुसार डायटिंग करने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कार्टिसोल के स्तर में वृद्धि होने लगती है जिससे दिल की बीमारी, मधुमेह, केंसर, ऊर्जा की कमी, चिडचिडापन जेसी समस्याएं होने लगती हैं. अपनी मर्ज़ी से डायटिंग न करके अपने डाक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह से ही डायटिंग को अपनाना चाहिए.
###  मन पसंद संगीत का आनंद लेने से हमारे शरीर को रक्त संचार बेहतर होने लगता है तथा रक्त में कोलिस्ट्रोल का स्तर घटने से दिल के रोगों  से बचाव भी होता है. डाक्टरों के अनुसार अपनी पसंद का  संगीत सुनने से शरीर में नाइट्रिक आक्साइड का स्राव होता है जो हमें तनाव मुक्त रखने में सहायक है. 
###   वज़न कम करने, भूख को कंट्रोल करने, सांस की बदबू दूर करने और याददाश्त को बढ़ाने के लिए चुइंगम चबाना लाभकारी हो सकताहै. एक नए शोध के अनुसार चुइंगम खाने से दिमाग तेज़ होता है. भोजन करने के बाद चुइंगम चबाने से दांतों मे छुपे भोजन के छोटे छोटे कण आसानी से बाहर निकल जाते हैं. चुइंगम के कारण मुहं में ज्यादा लार बनती है जो दांतों को साफ़ रखने तथा बेक्टीरिया जनित अम्ल को बनने से रोकने में भी उपयोगी है. सेहत की दृष्टि से चुइंगम को कम से कम बीस मिनुत चबाना आवश्यक है वर्ना इसमें पाई जाने वाली शर्करा दांतों को नुक्सान पहुँचाने के अलावा हमें डायबिटीज का शिकार बना सकती है.
###  लम्बे समय तक रहने वाला मानसिक तनाव शरीर में कई प्रकार की घातक बीमारियों को जन्म देता है. स्पेन के शोधकर्ताओं के अनुसार ज्यादा दिनों तक यदि हम मानसिक और शारीरिक तनाव मे रहते हैं तो कार्टिसोल नामक हार्मोन के स्तर में वृद्धि हो जाती है, जिससे माँयोपेथी, डायबिटीज, हायपरटेंशन, कमजोरी और दिल का दौरा पड़ने की आशंका रहती है.   
  

Sunday, August 8, 2010

विज्ञापनों के लिए मानक तय

अपने उत्पादों का विज्ञापनों के माध्यम से प्रचार करने वालीं कम्पनियाँ अब बढ़ा - चढ़ा कर अपने उत्पादों के बारे में दावा नहीं  कर सकेंगी. इस सम्बन्ध में भारतीय विज्ञापन मानक परिषद् ने ऑटो -  मोबाइल, खाद्य एवं पेय उत्पादों के विज्ञापनों के लिए मानक तय कर दिए हैं. परिषद् के नए नियमों के तहत विज्ञापनों के ज़रिये वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट बाँधने, ड्राइविंग करते समय मोबाइल पर बातें न करने सम्बन्धी सुरक्षात्मक क़दम अपनाने को प्रोत्साहित किया जाएगा. विभिन्न उत्पादों के विज्ञापनों में खतरनाक स्टंट या एक्शन दृश्य दिखाने पर भी रोक  लगाईं   जाएगी. इसके अलावा परिषद् ने खाद्य एवं पेय पदार्थों के विज्ञापनों  में पोषण और स्वास्थ्य लाभ के दावे न करने के भी निर्देश दिए हैं. 

मंत्र शक्ति का चमत्कार

दुःख व चिंताओं को दूर करके शांति और आनंद का अनुभव करने, तन व मन को स्वस्थ बनाये रखने, बुद्धि एवं कार्य करने की शक्ति में वृद्धि  करने तथा वृद्धावस्था को दूर रखने के लिए एक चमत्कारी मंत्र है :  
                             " ॐ श्री प्रकाशम् "  .     
 दिल्ली के योगाचार्य श्री कृष्ण गोयल द्वारा हमें यह मंत्र भेजा गया है. श्री गोयल के अनुसार इस मंत्र का मन ही मन जाप करने के लिए एकांत जगह को चुनें और अपनी आँखों को धीमे से मूँद कर अपने ध्यान को मंत्र की शांत तरंगों पर केन्द्रित करें. जाप करते समय अपने होंठ व जीभ को न हिलाएं. पांच मिनट जाप करने के बाद आराम से बैठ कर महसूस करें कि आपका शरीर शांति की मूर्ति बन गया है , शरीर में अपार ऊर्जा व शक्ति का संचार हो गया है तथा सम्पूर्ण शरीर में एक अनोखा प्रकाश भर गया है. इस मंत्र के निरंतर जाप एवं अभ्यास से हमें आन्तरिक प्रकाश का दर्शन होने  लगेगा और तब धीरे - धीरे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में आशातीत लाभ होगा.

पालिसी धारकों की शिकायतों को दो सप्ताह में निपटाने के निर्देश

बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण [ इरडा ] ने सभी बीमा कम्पनियों को पालिसी धारकों के हित में उनकी शिकायतों को दो सप्ताह में निपटाने के निर्देश दिए हैं. इरडा के अनुसार शिकायत मिलने के तीन कार्य दिवसों में पावती भेजनी  होगी जिसमें अधिकारी का नाम.व उसका पद, शिकायत निपटने वाले अधिकारी का नाम और शिकायत निपटने में लगने वाले समय का उल्लेख करना होगा. पावती भेजने के दो सप्ताह के अन्दर शिकायत का निपटारा कर दिया जायेगा. यदि बीमा कंपनी शिकायत को ख़ारिज करती है तो उसे इसका कारण भी बताना होगा. निर्धारित प्रक्रिया न अपनाने या समय सीमा में शिकायत का निपटारा न करने की दशा में बीमा कंपनी को दण्डित किया जा सकता है. पालिसी  धारक इरडा में अपनी शिकायत दर्ज कराने, शिकायत का समाधान न होने अथवा शिकायत की स्थिति का पता लगाने के लिए इरडा के कॉल सेंटर के टोल फ्री नम्बर 155255 पर अथवा E MAIL : complaints @irda.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं.